सिद्धू को अश्लील कमेंट करने का आरोप, मामला पहुंचा कोर्ट
मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा शो विवादों के दौर से गुजर रहा है. कपिल शर्मा और सुनील ग्रोवर के बीच का विवाद सुलझा भी नहीं था कि इस शो से जुड़ा एक नया विवाद सामने आ गया. हाल ही में द कपिल शर्मा शो का हिस्सा होने को लेकर नवजोत सिंह सिद्धू चर्चे में रहे. पंजाब में मंत्री बनने के बावजूद शो में बने रहने के उनके फैसले की चौतरफा आलोचना हुई.
यह बात जो जाहिर है कि सिद्धू के कॉमेडी शो में बने रहने को लेकर पंजाब और हरियाणा कोर्ट के वकील हरी चंद अरोड़ा ने कोर्ट में एक पेटिशन डाला हुआ है. लेकिन एक ताजा मामले में अब अरोड़ा ने पंजाब सरकार को लिखा है कि वह शो में सिद्धू के अश्लील बयान को संज्ञान में ले.
अरोड़ा ने कहा, 'मैंने आठ अप्रैल को शाम 9 बजे से 10:15 बजे तक कपिल शर्मा का शो देखा. जिसमें कपिल और खासकर नवजोत सिंह सिद्धू की कॉमेडी में कई बार अश्लील और डबल मिनिंग डॉयलोग बोले गए, जो आईपीसी-1860 और आईटी एक्ट का उल्लंघन करता है.'
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिद्धू ने अरोड़ा के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनके मुताबिक अगर शो में अश्लीलता होती तो वो लोकप्रियता में अव्वल नहीं होता. सिद्धू का कहना था कि फलदार पेड़ पर निशाने लगते ही हैं और उन्हें बेवजह टारगेट किया जा रहा है.
आपको बता दें कि सिद्धू के कॉमेडी शो में काम करने को लेकर उठे विवाद के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मामले में कानूनी राय मांगी थी जिस पर एडवोकेट जनरल ने बताया था कि अगर सिद्धू ‘द कपिल शो’ में काम करना जारी रखते हैं तो इसमें न तो संविधान का और न ही जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 का उल्लंघन हुआ है.
यह बात जो जाहिर है कि सिद्धू के कॉमेडी शो में बने रहने को लेकर पंजाब और हरियाणा कोर्ट के वकील हरी चंद अरोड़ा ने कोर्ट में एक पेटिशन डाला हुआ है. लेकिन एक ताजा मामले में अब अरोड़ा ने पंजाब सरकार को लिखा है कि वह शो में सिद्धू के अश्लील बयान को संज्ञान में ले.
अरोड़ा ने कहा, 'मैंने आठ अप्रैल को शाम 9 बजे से 10:15 बजे तक कपिल शर्मा का शो देखा. जिसमें कपिल और खासकर नवजोत सिंह सिद्धू की कॉमेडी में कई बार अश्लील और डबल मिनिंग डॉयलोग बोले गए, जो आईपीसी-1860 और आईटी एक्ट का उल्लंघन करता है.'
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिद्धू ने अरोड़ा के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनके मुताबिक अगर शो में अश्लीलता होती तो वो लोकप्रियता में अव्वल नहीं होता. सिद्धू का कहना था कि फलदार पेड़ पर निशाने लगते ही हैं और उन्हें बेवजह टारगेट किया जा रहा है.
आपको बता दें कि सिद्धू के कॉमेडी शो में काम करने को लेकर उठे विवाद के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मामले में कानूनी राय मांगी थी जिस पर एडवोकेट जनरल ने बताया था कि अगर सिद्धू ‘द कपिल शो’ में काम करना जारी रखते हैं तो इसमें न तो संविधान का और न ही जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 का उल्लंघन हुआ है.

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